केदारनाथ धाम यात्रा
कैसे जाये
अगर आप भारत के किसीं भी क्षेत्र से आते है तो आपके लिये सबसे पहले दिल्ली आना जरूरी है। दिल्ली आने के बाद आप दिल्ली से ऋषिकेश के लिए बस कर सकते है या फिर आप दिल्ली से हरिद्वार ट्रैन से जाके फिर हरिद्वार से ऋषिकेश बस से जा सकते है
जब में केदारनाथ धाम गया था तो हमने दिल्ली से हरिद्वार के लिए ट्रेन पकड़ी थी उसके बाद हरिद्वार से ऋषिकेश बस से गये थे
ऋषिकेश पोहोचने के बाद आपको ऋषिकेश में रात को रुकना होगा क्योंकी ऋषिकेश से आगे रात को 8 के बाद कोई वाहन नही जाता आपको ऋषिकेश में ही रुकना है और सुबह सुबह 3 बजे के आस पास आपको बस अड्डे पोहोच जाना है। बस अड्डे पे रुद्रप्रयाग जाने वाली पहली बस पकड़के आपको रुद्रप्रयाग तक का सफर तय करना होगा , रुद्रप्रयाग से आपको सोनप्रयाग के लिए अलग वाहन मिल जाएगा सोनप्रयाग पोहोचने पर आपको सोनप्रयाग से गौरीकुंड के लिए टाटा सूमो पकड़नी होगी तो ऋषिकेश से गौरीकुंड तक का सफर आपको अलग अलग पायदानों में तय करना है
1. हरिद्वार -> ऋषिकेश
2. ऋषिकेश-> रुद्रप्रयाग
3. रुद्रप्रयाग-> सोनप्रयाग
4. सोनप्रयाग-> गौरीकुंड
भगवान के दर्शन करने में आपको कम से कम 2 घंटे लग जाएंगे इसलिए एक ही दिन में उतारने की कोशिश ना करे यदि आप चाहते है कि एक ही दिन में आप दर्शन कर के नीचे आ जाये तो आपको हमारी तरह रात में चलना होगा.
आप पहले दिन श्याम के 3 बजे के आसपास चलना शुरू कर दे और रात में 9 बजे तक चले उसके बाद कही होटल देख के सोने की व्यवस्था कर ले वहाँ पर जगह जगह सोने के लिए कम्बल भाड़े पे मिल जाते है साथ ले जाने की जरूरत नही है रात में 9 बजे से 5 तक सोइये और फिर सुबह 5 बजे से चलना शुरू कर दे आप 10 से 11 बजे तक बाबा के दरबार मे पोहोच जाएंगे अगर आप दर्शन करके 3 बजे भी उतारना शुरू करते है तो रात 9 बजे तक आप गौरीकुंड तक पोहोच जाते है एक बात याद रखिये गौरीकुंड से ऊपर जाने वाला रास्ता श्याम को 3 बजे बंद कर दिया जाता है आपको 3 से पहले गौरीकुंड से आगे निकलना है।
गौरीकुंड से आगे का लगभग 16 कम का सफर आपको किसी वाहन के बिनाही तय करना होगा
आपको पास 5 विकल्प है
1. घुड़सवारी
2. पिट्ठू
3. पालखी
4. पैदल
5. हेलीकॉप्टर
अगर आपकी उम्र ज्यादा है तो पैदल चलने की सोचना भी मत आप घुड़सवारी कर सकते हो
हेलीकॉप्टर भी अच्छा विकल्प है पर यह महंगा साबित होता है
जब में गया था तब हम पैदल ही चले थे लेकिन हमने ये रास्ता दो बार मे पार किया था पहले 8 घंटे चले फिर रात में एक जगह पर सो गए फिर बचा हुआ रास्ता सुबह 5 बजे उठकर तय किया
अगर आपको पैदल जाना है तो मंदिर के आसपास रहने की सुविधा पहले ही कर ले अगर आप सुबह चढ़ाई शुरू करे शाम तक आप ऊपर चढ़ जाएंगे
केदारनाथ जाते समय क्या क्या साथ ले
1. रेनकोट : आपको केदारनाथ यात्रा पर जाते समय रेनकोट को साथ लेना बहुत आवश्यक है , सोनप्रयाग से केदारनाथ तक कभी भी वर्षा हो जाती है इसलिए आपके पास रेनकोट होना चाहिए
2. गरम कपड़े : रेनकोट के साथी ही आपको गरम कपड़ो की बोहोत जरूरत पड़ेगी आप कितने भी सेहतमंद हो आपको बिना गरम कपड़ो के जाना ही नही है. गौरीकुंड से आगे का रास्ता अगर आप पैदल तय करने वाले है तो अपने पास बहुत कम समान रखे गौरीकुंड में क्लॉक रूम की सुविधा है आप आपका पूरा समान वही छोड़ दे जाते समय सामान ले जाये
3. आवश्यक पैसा : सोनप्रयाग से आगे आपको कोई ATM नही मिलेगा इसलिए आपको जितना आवश्यक है उतना पैसा पहले ही साथ लेले
4. दवाई : अगर आप कोई दवाई खाते है तो उसे अपने साथ लेले।
अगर आप चारधाम की यात्रा पर जा रहे है अर्थात आप बद्रीनाथ केदारनाथ गंगोत्री यमुनोत्री की यात्रा करने वाले है तो आपको केदारनाथ की यात्रा सबसे अंत मे करनी चाहिए चारो धामो में यही सबसे कठिन यात्रा है। मेने ऐसे भी कुछ लोग देखे जो केदारनाथ की यात्रा के बाद बचे स्थलों पे जाने में उत्सुक नही थे.
आपकी यात्रा अच्छी हो यही ईश्वर से प्रार्थना करता हु


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